Vineet Agarwal

I write for hobby and love to read and listen to people who write well. Javed Akhtar and Nusrat Fateh Ali Khan are my all time favourites.

Here are some of my poems:

रास्ता भी तू – रुकावट भी
वजह भी तू.. मसला भी.. कैसे पूरी हो ख्वाइशें दोनों.. तुझ तक पहुंचने का.. रास्ता भी तू.. रुकावट भी..


तू, में और शराब

तेरे मेरे बीच कम्बख्त शराब आ गयी..
पहले थोड़ी, फिर बेहिसाब आ गयी..

सुलझा कर हर मसला, मुश्किलें मेरी..
लेकर तेरे हर सवाल का जवाब आ गयी..

दर से देखा न करते जिसे कभी..
अब तोह हुज़ूर बेनक़ाब आ गयी..

हार गया शर्ट खुद से ही लगाकर..
तोड़ वादों के बाँध, ले सैलाब आ गयी..

तेरे नाम के आगे बेअसर हुआ करती थी जो..
अब असरदार बाजार में, शराब आ गयी !


Thank You Indigo

सोते हुए जहाँ में
जागा हुआ में
जैसे सुबह की सारी खूबसूरती
मुझसे मिलने आयी हो

देर रातों की वह
गहरे ख्वाबों में डूबी सड़कें
न लाग न धुवां न शोर न सिक्के
खूबसूरत देखा है.. सोते बाज़ारों को

पुरे शहर को ढके
टीम टिमटी हुई रौशनी
जैसे निकलते सूरज के हवाले
खुद को करती हो..

मेरा एयरपोर्ट तक का सफर
हमेशा की तरह खूबसूरत
Thank You Early Flights
Thank You Indigo